जामुन के उपयोग
![]() |
| जामुन का फल |
१. पेशाव का बार बार आना = जामुन की गुठली ,बहेड़े का छिलका ५ ग्राम ,८ दिन पानी में दाल कर पिएँ। जामुन के इस उपयोग से बार बार पेशाव आना बंद हो जाएगी।
२. खूनी दस्त =जामुन की गुठली १० ग्राम सुबह शाम ५० ग्राम पानी में छानकर पिएँ। खाने में खिचड़ी खाएं। जामुन के इस उपयोग से खूनी दस्त में आराम मिलेगा।
३. बंद गले के उपचार में = जामुन की गुठलिओं को बारीक पीसकर शहद में मिलाकर छोटी -छोटी गोलियां बनाएं। इन गोलिओं मुँह में रख कर चूस लें गला यदि बंद होगा तो खुल जाएगा।
४. शुगर के उपचार में =जामुन की छाल या गुठली को सुखाकर बारीक़ करके ५-५ ग्राम सुबह शाम ताजे पानी के साथ २० तक खाने से शुगर आराम मिलता है। मौसम में १२५ ग्राम जामुन रोज खाने से शुगर रुक जाती है।
५. दाँतों के लिए =जामुन की छाल को बारीक पीसकर दाँतों पर मंजन की तरह घिसने से दाँतों की सभी बीमारियां दूर हो जाती है। जामुन का यह उपयोग पायरिया रोग में भी लाभकारी होता है।

