मूली
![]() |
| मूली |
मूली व मूलक भूमि के अंदर पैदा होने बाली सब्ज़ी है। विश्व में उगाई और खाई जाती है। वस्तुतः मूली एक रूपांतरित प्रधान जड़ है जो बीच में मोती और दोनों सिरों की और पतली है।
मूली की अनेक प्रजातीआँ होती है जो आकार ,रंग एवं पैदा होने में लगने बाले समय के आधार पर भिन्न -भिन्न होती है। कुछ प्रजातीआँ तेल उत्पादन के लिए भी उगाई जाती है। इसे सलाद के रूप में खाया जाता है।
मूली के गुण
1.पीलिया के उपचार में = मूली के पत्तों और मूली का रस आधा पाव ,शक्कर दो तोले में मिलाकर सुबह के वक्त 15 -20 दिन पीने से मरीज को बहुत फायदा होता है। कहते का उपयोग न करे।
2. दाद के लिए =मूली के बीज ,गंधक ,आंवला ,सर गूगल 2 -2 तोला और नीला तूतिया 3 माशा सबको बारीक मिलाकर आधा पाव पानी खरल कर ले। जब पानी सूख जाए तो उसकी गोली बना ले। प्रतिदिन एक गोली को मूली के घिसकर दाद पर लगाएं। कुछ दिनों में दाद ठीक जाएगी।
3.पेशाव के लिए =मूली का अचार जिसमे काला नमक और कालीमिर्च हो। प्रतिदिन खाने से पेशाव लग कर आती है।
4. गले की सूजन =मूली का पानी एक पाव नमक लाहोरी 1 तोला सबको गर्म कर के गरारे करे। गले की सूजन ठीक हो जाएगी।

