प्याज के महत्वपूर्ण गुण
प्याज कई गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसका उपयोग हम खाना बनाने के ही लिए नहीं बल्कि कुछ रोगों को दूर करने के लिए भी किया जाता है। यह शल्ककंदिया सब्जी है ,जिसके कंद सब्जी के रूप में उपयोग किये जाते है। कंद में आयरन ,कैल्शियम तथा विटामिन C पाया जाता है।
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| प्याज |
प्याज में तीखापन एक वाष्पशील तेल एलाइल प्रोपाइल डाई सल्फाइड के कारण होता है। प्याज का उपयोग सब्जी ,मसाले, सलाद ,तथा अचार तैयार करने में किया जाता है। भारत में प्याज की सबसे ज्यादा खेती महाराष्ट्र से होती है।
प्याज के औषधीय उपयोग
1. कन्द का उपयोग =कन्द तीखा ,तेज ,बलवर्धक ,कामोत्जक ,स्वादवर्धक,क्षुदावर्धक तथा महलाओं में रक्तवर्धक होता है।
2.कान का दर्द =प्याज गर्म राख में भूनकर उसका पानी निचोड़कर कान में डालिए। कुछ समय बाद ही कान में राहत मिलेगी।
3. जहर के उपचार में =प्याज का रस और नौसादर 100 तोला तरल करके एक शीशी में रख लें। बिच्छो, ततैया ,मधुमख्खी काटने पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है।
4. मोतियाबिन्द =प्याज का रस ,शहद 100 तोला भीमसेनी कपूर दो माशा। सबको खूब मिलाकर रात को सोते समय आंखों से लगायें। मोतियाबिंद में आराम मिलेगा।
5. सुरमा =काला सुरमा 1 छटांक प्याज के आधा सेर रस में सुखाएं। यह धुंध ,जाला ,रोहे में हितकर होता है।
6. पेशाव जलन में =प्याज के दो तोले रस में सामान्य जल डालकर उबालो। आधा रह जाने पर पिलाने से जलन शांत हो जाती है।
7. जुओं के उपचार में =प्याज के रस को सिर में डालने से जुआ मर जाते है। इसका उपयोग गर्मिओं में करना चाहिए।

